कोलकाता, 11 सितंबर।
पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में बैंक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज कर दी है। हफ्ते में पांच दिन कामकाज की व्यवस्था लागू कराने के लिए अब बड़े स्तर पर हड़ताल की तैयारी शुरू हो चुकी है।
बैंक यूनियनों के साझा मंच की ओर से सरकार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का यह संगठन अपनी इस मुख्य मांग को लेकर आर-पार के मूड में नजर आ रहा है।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के उपाध्यक्ष सुभ्रज्योति चटर्जी ने इस बाबत अहम जानकारी साझा की है। उनके मुताबिक पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को अमلی जामा पहनाने के लिए अब कर्मचारी सड़क पर उतरने को विवश हैं।
यूनियन के पूर्व घोषित कार्यक्रमों के तहत आने वाले दिनों में देशव्यापी हड़ताल का सिलसिला देखने को मिल सकता है। यदि समय रहते कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
नेताओं का दावा है कि दो साल पहले हुए वेतन समझौते के दौरान इस मांग पर सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद आधिकारिक रूप से इसे लागू न किए जाने से कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।
यूनियन का तर्क है कि पांच दिन कार्य दिवस होने से कर्मचारियों का कार्य-जीवन संतुलनबेहतर होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल और ऑनलाइन माध्यमों से ग्राहकों को निरंतर सेवा मिलती रहेगी।














