डूंगरपुर, 11 सितंबर।
डूंगरपुर जिले की पोक्सो अदालत ने नाबालिग को बहलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में एक अभियुक्त को सख्त सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय ने आरोपी को बीस साल के कठोर कारावास के साथ ही चालीस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
यह सनसनीखेज मामला सात दिसंबर दो हजार पच्चीस का है जब रामसागड़ा थाने में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी सात नवंबर को स्कूल से लौटने के बाद अचानक बिना बताए कहीं चली गई थी।
परिजनों द्वारा तलाश करने पर पता चला कि बांसवाड़ा जिले के अर्थूना थाना क्षेत्र के कुवालिया फला डाबरा पाडा निवासी राकेश पुत्र कांतिलाल डामोर लड़की को बहलाकर ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने जब पीड़िता को दस्तयाब किया तो मेडिकल जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
रामसागड़ा थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राकेश डामोर को गुजरात के राजकोट से दबोच लिया था। अदालत में लोक अभियोजक ने मजबूत पैरवी की जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए यह कड़ा फैसला सुनाया है।















