राजगढ़, 11 सितम्बर।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को पीलूखेड़ी-गिलाखेड़ी में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विधायक मोहन शर्मा ने राजस्व से जुड़ी सीमांकन सहित अन्य समस्याओं के समाधान के साथ पंचायत स्तर पर मैदानी अमले की उपलब्धता और कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बिजली के अधिक बिल और क्षतिग्रस्त केबल से जुड़ी शिकायतें रखीं, जिनका जल्द निराकरण करने को कहा गया। सोयाबीन फसल को हुए नुकसान का नियमानुसार आकलन कराने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने आयुष्मान कार्ड, आधार, समग्र पंजीयन, लोक सेवा केंद्रों से जुड़े आवेदनों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा की। एसपी अमित तोलानी ने नागरिकों से पुलिस संबंधी परेशानी होने पर संपर्क करने की अपील की। उन्होंने भूमि विवादों को शुरुआती स्तर पर बातचीत से सुलझाने, साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत करने तथा वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक पूजा राठौर को बलात्कार के मामले में प्रभावी विवेचना कर आरोपित को 20 वर्ष की सजा दिलाने तथा उपनिरीक्षक प्रवीण जाट को हत्या के प्रकरण में नौ आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने पर प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। हितग्राहियों को टीबी किट और 17 लोगों को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल वितरित की गई। 10 स्व-सहायता समूहों को कुल 34.50 लाख रुपये के चेक भी दिए गए।
उद्यमियों ने सुविधाओं की मांग रखी
औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में ‘उद्यम संवाद’ आयोजित हुआ। उद्योगपतियों ने रेसाई बांध से जलापूर्ति, सीसीटीवी, अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, उप स्वास्थ्य केंद्र, स्ट्रीट लाइट और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरतें रखीं। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्थानीय युवाओं को उद्योगों में रोजगार देने पर भी जोर दिया गया।
राजस्व कार्यालयों में लंबित मामलों की समीक्षा
संभाग आयुक्त ने नरसिंहगढ़ के संयुक्त भवन में एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा और अपील प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। कागजी और डिजिटल अभिलेखों में समानता बनाए रखने तथा अपील मामलों का दो माह में निराकरण करने को कहा गया। जनपद पंचायत के निरीक्षण के दौरान अधूरे निर्माण कार्यों के लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।















