उज्जैन, 11 सितंबर।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या के पावन अवसर पर शुक्रवार तड़के भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। अलसुबह मंदिर के कपाट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्ति वाचन के साथ भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई।
गर्भगृह के पट खुलने पर पुजारियों ने सबसे पहले भगवान का श्रृंगार हटाकर जल से अभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से विधि-विधान पूर्वक पूजन संपन्न किया गया।
मंदिर के नंदी हॉल में विराजमान नंदी महाराज का भी स्नान और पूजन पूरी तन्मयता के साथ किया गया। कपूर आरती के पश्चात महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान को पवित्र भस्म अर्पित की गई जिसके बाद बाबा का दिव्य स्वरूप निखर उठा।
भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट, मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। इसके अलावा भांग, चंदन और सूखे मेवों से मनमोहक श्रृंगार कर भगवान को फल तथा मिष्ठान का भोग लगाया गया।
इस अलौकिक भस्म आरती के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं और पूरा परिसर बाबा के जयकारों से गूंज उठा।















