भोपाल, 11 सितंबर।
मध्य प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक बड़ी पहल की है। आयोग ने स्कूल और कॉलेजों के परिसरों के साथ ही उसके आसपास के पचास मीटर के दायरे में जंक फूड और उच्च वसायुक्त खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
इस संबंध में आयोग ने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बिकने वाले अनहेल्दी खान-पान पर कड़ा नियंत्रण करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि बच्चों को मोटापे और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने बताया कि स्कूलों में पौष्टिक आहार की शिक्षा दी जाती है लेकिन बाहर आसानी से मिलने वाला जंक फूड बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। इस विरोधाभास को खत्म करने के लिए शिक्षण संस्थानों के आसपास कड़े नियम बनाए जाने चाहिए।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत न सिर्फ खाद्य पदार्थों की बिक्री बल्कि उनके विज्ञापनों और ब्रांडिंग पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इसके साथ ही कैंटीनों में केवल पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक भोजन ही परोसे जाने के लिए मानक तय करने का सुझाव दिया गया है।
सरकार के विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल से इस योजना की निगरानी करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे दुकानदारों की आजीविका को नुकसान पहुंचाए बिना बच्चों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित खाद्य वातावरण तैयार करना है।















