रांची, 11 सितंबर।
झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के मामले में जेल में बंद पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
श्वेता गुप्ता की तरफ से अदालत में पैरवी कर रहे वकीलों ने उनका पक्ष रखा। वहीं दूसरी ओर अभियोजन पक्ष के वकीलों ने उनकी जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया है।
आपकों बता दें कि जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में सीआईडी ने कांड संख्या सोलह दर्ज की थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने बाईस जुलाई को श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की गई थी, जिसके पूरा होने के बाद से वह लगातार न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। इस पूरे प्रकरण में अब तक बीस से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच एजेंसी इस परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और उससे जुड़े तमाम लोगों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि अन्य विभाग में तबादला होने के बाद भी वह जेपीएससी में ही काम कर रही थीं।















