नई दिल्ली, 11 सितम्बर।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने ऑस्ट्रेलिया का तीन दिवसीय दौरा पूरा कर न्यूजीलैंड के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ रक्षा और नौसेना अधिकारियों के साथ बातचीत की। इनमें ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बल प्रमुख एडमिरल मार्क हैमंड और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना के प्रमुख एडमिरल मैथ्यू बकले शामिल रहे। वार्ता में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा साझेदारी की बढ़ती सामरिक गहराई तथा समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
नौसेना प्रमुख का 9 से 11 सितंबर तक ऑस्ट्रेलिया दौरा भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से हुआ। दोनों पक्षों ने अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। कैनबरा स्थित रसेल कार्यालय में उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की स्वदेशी विरासत को दर्शाती धुआं रस्म के बाद उन्हें औपचारिक सलामी दी गई।
रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना के प्रमुख मैथ्यू बकले के साथ बैठक में दोनों अधिकारियों ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित विभिन्न सैन्य अभ्यासों के माध्यम से दोनों नौसेनाओं के बीच समन्वय और संचालनात्मक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया। एडमिरल स्वामीनाथन ने ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बल प्रमुख एडमिरल मार्क हैमंड से भी मुलाकात की। बातचीत में समुद्री सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा को लागू करने, समुद्री क्षेत्र में बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशने पर जोर रहा।
दौरे से पहले नौसेना प्रमुख ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिक प्रतिष्ठान कुट्टाबुल में बेड़े की कमांडर रियर एडमिरल अनीता विलियम्स से मुलाकात की। दोनों के बीच रॉयल ऑस्ट्रेलियन नौसेना की बदलती बेड़ा क्षमताओं, भविष्य में शामिल होने वाले जहाजों तथा दोनों नौसेनाओं के बीच संचालनात्मक सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। नौसेना प्रमुख को कुट्टाबुल का भ्रमण भी कराया गया और वहां की बेड़ा अधोसंरचना तथा संचालनात्मक क्षमताओं की जानकारी दी गई।
नौसेना प्रमुख ने कैनबरा स्थित ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज में कमान और स्टाफ पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते समुद्री और सामरिक वातावरण तथा वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने वहां प्रशिक्षण ले रहे भारतीय रक्षा बलों के अधिकारियों से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियन वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर बलिदान देने वालों का सम्मान किया।
ऑस्ट्रेलिया यात्रा से दोनों देशों के बीच जारी द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग की समीक्षा का अवसर मिला। साथ ही संचालनात्मक संपर्क, आपसी समन्वय और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने के उपायों की पहचान की गई। यात्रा को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रक्षा एवं समुद्री साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।















