जम्मू, 11 सितंबर।
जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को बैंक कर्मियों के हड़ताल पर रहने से कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर हुई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित पांच दिन के कार्य-सप्ताह की मांग को मनवाना रहा है।
यूनियन के नेताओं का कहना है कि तमाम आश्वासनों के बावजूद उनकी इस जायज़ मांग को पूरा नहीं किया गया जिसके चलते उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कामकाज से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और अपनी आवाज बुलंद की।
यूनियन ने तर्क दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तरों समेत देश के कई अन्य वित्तीय संस्थानों में पहले से ही पांच दिन काम का नियम लागू है। इसके अलावा दुनिया के लगभग सभी देशों में भी यही व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
मार्च दो हजार चौबीस के समझौते का हवाला देते हुए यूनियनों ने स्पष्ट किया कि वे साप्ताहिक छुट्टियों के बदले रोजाना चालीस मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मियों को एक दिन का वेतन गंवाना पड़ता है जिससे उनकी नाराजगी साफ झलकती है।














