खाचरौद, 11 सितम्बर।
प्राकृतिक आपदा से फसलें खराब होने के बाद भी फसल बीमा क्लेम का भुगतान नहीं होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को खाचरौद में जोरदार प्रदर्शन किया। खाचरौद और नागदा तहसील क्षेत्र के तीन हजार से अधिक किसान ट्रैक्टर लेकर आंदोलन में शामिल हुए। किसानों की बड़ी संख्या और ट्रैक्टर रैली के कारण शहर में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और अलग-अलग स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही।
आंदोलन के लिए किसान खाचरौद की मटर मंडी में एकत्र हुए। यहां से ट्रैक्टरों के साथ किसानों की रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर कृषि उपज मंडी परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंची। पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रबी और खरीफ वर्ष 2024-25, 2025-26 सहित इससे पहले के वर्षों में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के लंबित बीमा क्लेम का तत्काल भुगतान कराने की मांग की गई। किसानों ने कहा कि फसल नुकसान के बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उन्हें बीमा राशि का इंतजार करना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने फसलों को हुए नुकसान को स्वीकार किया है। राजस्व विभाग के जरिए प्रभावित खेतों का सर्वे कराया गया और किसानों को आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा भी दिया जा रहा है। ऐसे में फसल बीमा कंपनियों द्वारा लंबित दावों का भुगतान नहीं किया जाना सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में फसलें खराब होने के बाद किसानों ने बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर समय पर नुकसान की सूचना दी थी। शिकायत दर्ज होने पर उन्हें शिकायत क्रमांक भी दिए गए। इसके बावजूद कई मामलों में बीमा कंपनी के सर्वेक्षक निर्धारित समय के भीतर प्रभावित खेतों का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे।
किसानों का कहना है कि फसल खराब होने की सूचना समय पर देने और शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बीमा दावे लंबित हैं। इसी वजह से किसानों में असंतोष बढ़ा है। आंदोलन के माध्यम से उन्होंने लंबित बीमा राशि का तत्काल भुगतान कराने की मांग सरकार के सामने रखी।















