काठमांडू, 11 सितंबर।
भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों को संवारने के लिए भारी-भरकम राशि की दरकार है। सरकारी आकलन के मुताबिक इस आपदा से उबारने के वास्ते सात लाख करोड़ नेपाली रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई इलाके इस भयंकर आपदा की चपेट में आए हैं। यहाँ लोगों के आशियाने, खेत-खलिहान और आवागमन के साधन पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इस भारी तबाही के बाद अब युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
ऊर्जा और सड़क मार्ग को सबसे ज्यादा क्षति पहुँची है। कई जलविद्युत परियोजनाएँ और सौर संयंत्र ठप पड़ चुके हैं। इसके अलावा दर्जनों पुल और लंबी सड़कें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।
हजारों मकान जमींदोज़ होने के साथ सरकारी इमारतें और शिक्षण संस्थान भी तहस-नहस हुए हैं। कृषि और व्यापार जगत को भी भारी आघात लगा है, जिससे उबरने के लिए विशेष आर्थिक मदद की आवश्यकता है।
इस आपदा से निपटने के लिए राहत कार्यों को दो चरणों में विभाजित किया गया है। शुरुआती दौर में तात्कालिक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा और बाद में दीर्घकालिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा।















