कोलकाता, 11 सितंबर।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार शाम नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘अपने-अपने राम’ कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। कवि डॉ. कुमार विश्वास के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2024 में अयोध्या के राम मंदिर के खिलाफ कोलकाता में रैली निकालने वाली ममता बनर्जी को भगवान राम ने बंगाल से मिटा दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल स्वतंत्रता सेनानियों, महापुरुषों और ऋषियों की भूमि है तथा यहां राष्ट्रवाद और हिंदू परंपराओं से कोई समझौता नहीं होगा।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि लोगों को याद रखना चाहिए कि 2024 में राम मंदिर के विरोध में कोलकाता में रैली किसने निकाली थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय मंदिर के विरोध में खड़ी ताकतों को जनता ने जवाब दिया और भगवान राम ने उन्हें बंगाल से मिटा दिया। उनका यह बयान स्पष्ट रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संदर्भ में था।
बांग्लादेश से आने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को जमीन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार करीब 90 प्रतिशत जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ के माध्यम से ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियां बंगाल के सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप को प्रभावित कर रही हैं और सरकार इन पर रोक लगाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 1950 के मवेशी संबंधी नियमों को लागू कर गौ माता की रक्षा की दिशा में कदम उठाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों की तुष्टीकरण की राजनीति खत्म कर राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही। उन्होंने धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाने पर विचार करने की जानकारी दी और महिलाओं तथा बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने पिछले चार महीनों में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार रथ यात्रा में शामिल हुई, तारकेश्वर मंदिर में हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा कराई गई और अमावस्या पर तारापीठ मंदिर में भी ऐसी व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि सरकार हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की रक्षा के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कोलकाता में बड़े स्तर पर हनुमान चालीसा पाठ कराने की घोषणा की। उन्होंने दिसंबर में करीब पांच लाख लोगों की भागीदारी वाला गीता पाठ आयोजित करने की बात कही। स्वामी रामभद्राचार्य के कार्यक्रम और हजारों कुंडों के साथ बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय मेले के रूप में विकसित किया जा रहा है। दुर्गा पूजा को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार आयोजन बड़े स्तर पर होगा, लेकिन महालय से पहले किसी पूजा का उद्घाटन नहीं किया जाएगा। अष्टमी के दिन पूरे बंगाल में शराबबंदी लागू रखने की बात भी उन्होंने कही।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि 34 वर्षों के वाममोर्चा शासन और उसके बाद 15 वर्षों के ममता बनर्जी शासन में कोलकाता का सांस्कृतिक गौरव कम हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शहर का पुराना गौरव लौटाने के लिए काम करेगी।
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बंगाल में कश्मीर की आजादी की मांग करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां भारत माता की जय और वंदे मातरम का नारा ही चलेगा। उनका दावा था कि मदरसों में भी वंदे मातरम लागू कराया गया है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को देशभक्ति और भारतीय परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया। नई शिक्षा नीति के साथ बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने, शंख बजाने, गीता पाठ, पूजा-पाठ और तिलक लगाने जैसी परंपराओं की जानकारी देने पर उन्होंने जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. कुमार विश्वास का स्वागत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल को मां काली की धरती बताया। रामकृष्ण परमहंस, मां शारदा और स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरुआती कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, लेकिन अभी काफी काम बाकी है। उन्होंने कहा कि जनता का आशीर्वाद मिलता रहा तो सरकार अपने सभी वादों और आम लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करेगी।















