काठमांडू, 11 सितंबर।
अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना स्थल पर बाढ़ के बाद लापता हुए कर्मियों की तलाश का अभियान शुक्रवार को भी पूरी शिद्दत के साथ जारी रखा गया।
सुरंग और हेडबॉक्स जैसे दुर्गम हिस्सों में खोजबीन तेज करने के लिए कई विशेष दलों को मैदान में उतारा गया है।
राहत और बचाव के इस बड़े अभियान में नेपाली सेना के साथ-साथ नेपाल ड्रोन एसोसिएशन, कोरियाई विशेषज्ञों की टीम और अनुभवी शेरपा कंधे से कंधा मिलाकर जुटे हैं।
इसके अलावा खोजी कुत्तों की विशेष टीमों को भी सहायता के लिए लगाया गया है ताकि मलबे में दबे लोगों का सुराग मिल सके।
आपदा के वक्त इस परियोजना परिसर में कुल चौदह सौ तैंतीस कर्मचारी कार्यरत थे, जिनमें से अब तक आठ सौ अठत्तर लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
इस भयंकर हादसे के बाद से अभी भी पाँच सौ पैंतालीस लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।
लापता लोगों में दक्षिण कोरिया के नौ, चीन के चौंतीस और भारत के पचास नागरिक शामिल हैं, जबकि शेष सभी लापता नेपाली मूल के हैं।















