काकामिगाहारा, 21 सितंबर।
भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार गोलकीपर सविता पुनिया ने खेल के मैदान पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जापान में जारी एशियाई खेलों के दौरान इंडोनेशिया के खिलाफ पूल बी के मुकाबले में उतरते ही सविता ने भारतीय महिला हॉकी इतिहास में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने पूर्व दिग्गज स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह गौरव हासिल किया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर 36 वर्षीय सविता ने साल 2009 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। अपने दो दशक लंबे शानदार करियर में उन्होंने तीन ओलंपिक, दो एशियाई खेलों और कई प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। इससे पहले, उज्बेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने वंदना के 320 मैचों के आंकड़े की बराबरी की थी और अब इंडोनेशिया के खिलाफ मैदान पर उतरकर उन्होंने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। सविता के इस उल्लेखनीय सफर में तीन बार एफआईएच गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार (2018) और पद्मश्री सम्मान (2025) भी शामिल हैं।
इस खास उपलब्धि के बाद सविता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस मुकाम तक पहुंचेंगी। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोचों, साथियों और वंदना कटारिया जैसी खिलाड़ियों को दिया जिन्होंने एक ऊंचा मानक स्थापित किया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी सविता की इस उपलब्धि को उनके दो दशकों के समर्पण, अनुशासन और शानदार नेतृत्व का प्रमाण बताते हुए पूरी टीम को शुभकामनाएं दी हैं।













