मुंबई, 24 सितंबर।
हिंदी सिनेमा में सहायक और हास्य भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता मुश्ताक खान का गुरुवार को निधन हो गया। वह कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बेटे मोहसिन ने बताया कि शाम करीब सात बजे नानावती अस्पताल में उनका निधन हुआ।
मोहसिन के अनुसार, मुश्ताक खान को पेट में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां जांच में कैंसर का पता चला। पिछले कुछ दिनों में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक अभिनेता की स्थिति सामान्य थी और वह सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे की पहली फिल्म की शूटिंग भी कर रहे थे।
फिल्मकार अशोक पंडित ने मुश्ताक खान के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि दोनों की कई दशकों से दोस्ती थी। उन्होंने थिएटर, नाटकों और टेलीविजन कार्यक्रमों में साथ काम किया था। पंडित ने बताया कि मुश्ताक छोटे शहर से मुंबई आए थे और थिएटर की पढ़ाई के बाद अभिनय के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे। उनके अनुसार, अभिनेता का निधन फिल्म उद्योग के साथ उनका व्यक्तिगत नुकसान भी है।
मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार शुक्रवार को यारी रोड कब्रिस्तान में किया जाएगा। उन्होंने 1980 में फिल्म अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से बड़े पर्दे पर कदम रखा था। इसके बाद चार दशक से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा में काम किया। उनकी हास्य शैली और सहायक भूमिकाओं ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई।
अभिनेता ने आशिकी, हम हैं राही प्यार के, राजा, हेरा फेरी, गदर: एक प्रेम कथा, जोड़ी नंबर वन, मुझसे शादी करोगी, वेलकम, वांटेड और ओह माय गॉड जैसी फिल्मों में काम किया। बाद के दौर में वह स्त्री, बधाई दो, गदर 2 और स्त्री 2 में भी नजर आए। उनकी हाल की फिल्मों में वनवास, बेबी जॉन, धूम धाम और जाट शामिल हैं। उन्होंने कुछ टेलीविजन धारावाहिकों में भी अभिनय किया।
फिल्म वेलकम में उडे भैया से जुड़ा उनका नकली पैर वाला हास्य संवाद विशेष रूप से याद किया जाता है। फिल्म में उनके इस दृश्य ने दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की थी।












