आइची-नगोया (जापान), 24 सितंबर।
जापान के आइची-नगोया में खेले जा रहे एशियाई खेलों में भारत की स्टार वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की 60 किलोग्राम सांडा स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया है। इसी के साथ वे एशियाई खेलों के इतिहास में वुशु प्रतियोगिता में लगातार तीन बार पदक जीतने वाली देश की पहली महिला एथलीट बन गई हैं।
गुरुवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में रोशिबिना का सामना चीन की मजबूत खिलाड़ी झांग शियाओयू से हुआ। इस फाइनल मुकाबले में उन्हें 0-2 से पराजय का मुंह देखना पड़ा। चीनी खिलाड़ी ने दोनों ही राउंड 5-0 से अपने नाम करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
रोशिबिना के पदक जीतने के सफर की शुरुआत साल 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों से हुई थी, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 2022 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया और अब 2026 के इन खेलों में भी रजत पदक जीतकर उन्होंने लगातार तीन बार पोडियम फिनिश करने का अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है।
एशियाई खेलों में उनके पदकों का सफर इस प्रकार रहा है:
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वर्ष 2018: कांस्य पदक
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वर्ष 2022: रजत पदक
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वर्ष 2026: रजत पदक
जापान में उनका पूरा अभियान बेहद प्रेरणादायक रहा। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया था। इससे पहले के चरणों में उन्होंने वियतनाम की 2023 की विश्व चैंपियन गुयेन थी थू थूई को भी धूल चटाई थी।
भले ही खिताबी मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन रोशिबिना की यह उपलब्धि भारतीय वुशु जगत के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है। लगातार तीन एशियाई संस्करणों में देश के लिए मेडल जीतना उनकी निरंतरता और कड़ी मेहनत का प्रमाण है।












