आइची-नगोया, 22 सितंबर ।
स्मृति मंधाना और आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा की धमाकेदार साझेदारियों के बाद भारतीय महिला स्पिनरों के घातक गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत ने मंगलवार को एशियाई खेलों के महिला क्रिकेट फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 147 रनों के विशाल अंतर से धूल चटा दी। इस शानदार खिताबी जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम करने का ऐतिहासिक गौरव हासिल कर लिया है। मौजूदा एशियाई खेलों में भारत के खाते का यह पहला स्वर्ण पदक है, जिसके बाद देश के कुल पदकों की संख्या सात हो गई है, जिसमें एक स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में महज तीन विकेट के नुकसान पर 216 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी और पूरी टीम 15.4 ओवरों में मात्र 69 रनों पर ही ढेर हो गई। रनों के लिहाज से यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले भारत ने मलेशिया को 142 रनों के अंतर से हराया था।
विशालकाय 217 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की शुरुआत में ही शेफाली वर्मा ने इमेशा दुलानी को मात्र तीन रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर ऋचा घोष के हाथों स्टंप आउट करा दिया। शुरुआती झटके के बाद श्रीलंका का स्कोर 2.5 ओवर में 18 रन पर एक विकेट था। इसके बाद कप्तान चमारी अटापट्टू ने कुछ अच्छे शॉट लगाने का प्रयास किया और नंदिनी शर्मा तथा क्रांति गौड़ के ओवरों में दो-दो चौके जड़कर रन गति को संभालने की कोशिश की।
हालांकि, कुछ ही पलों बाद शेफाली ने हसीनी परेरा को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में हसीनी बाउंड्री के पास भारती फुलमाली के हाथों कैच आउट हो गईं और अपना खाता तक नहीं खोल सकीं। शुरुआती छह ओवरों का पावरप्ले समाप्त होने तक श्रीलंका का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 41 रन था। इसके तुरंत बाद स्पिनर दीप्ति शर्मा ने श्रीलंकाई कप्तान अटापट्टू को 21 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 29 रन के स्कोर पर आउट कर अपनी टीम को सबसे बड़ी सफलता दिलाई।
इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने कहर बरपाते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। श्रेयांका पाटिल ने हरशिता समरविक्रमा को शून्य पर आउट किया, जबकि श्री चरणी ने हंसिमा करुणारत्ने को एक रन पर चलता किया। इसके बाद दीप्ति ने खतरनाक दिख रही कविशा दिलहारी को भी 11 रन पर पैवेलियन भेज दिया, जिससे श्रीलंका का स्कोर 9.1 ओवर में छह विकेट पर मात्र 49 रन रह गया। देखते ही देखते श्री चरणी ने काव्या कविंदी (2 रन) और दीप्ति ने सुगंधिका कुमारी (3 रन) को आउट कर अपना तीसरा विकेट चटकाया। पारी के 15वें ओवर में मिथिला अयोध्या रन आउट हो गईं, और अंततः श्रेयांका पाटिल ने आखिरी विकेट झटककर श्रीलंका की पूरी पारी को 69 रनों पर समेट दिया।
भारत की तरफ से गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने अपने चार ओवर के कोटे में सिर्फ छह रन खर्च करते हुए सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके। इसके अलावा श्री चरणी ने चार ओवर में 13 रन देकर दो सफलताएं हासिल कीं। वहीं, शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए शेफाली वर्मा ने दो ओवरों में महज तीन रन देकर दो विकेट चटकाए, जबकि श्रेयांका पाटिल ने 1.4 ओवरों में नौ रन खर्च कर दो बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।
इससे पहले भारतीय टीम ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की तूफानी पारियों के बूते भारत ने स्कोरबोर्ड पर 216 रनों का विशाल स्कोर टांग दिया। मंधाना ने महज 45 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों और सात गगनचुंबी छकों की मदद से 79 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने और शेफाली ने मिलकर पहले विकेट के लिए 99 रनों की बेहद मजबूत साझेदारी की। शेफाली ने भी 29 गेंदों पर तीन चौकों और तीन छक्कों की बदौलत 48 रनों का अहम योगदान दिया।
पारी के 10वें ओवर में मंधाना ने अपना 37वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया और इसी दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के 11,000 रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनने का अनूठा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर 17 गेंदों पर तीन चौकों के सहारे 19 रन बनाकर आउट हुईं। पारी के अंतिम क्षणों में ऋचा घोष ने विस्फोटक बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए मात्र 22 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की आतिशी मदद से नाबाद 49 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत 20 ओवर में 216/3 का स्कोर खड़ा करने में सफल रहा, जो एशियाई खेलों के महिला क्रिकेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में चमुदी प्रबोदा, कविशा दिलहारी और सुगंधिका कुमारी ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।













