लंदन, 22 सितंबर।
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तेज रफ्तार गेंदबाज मार्क वुड ने लगातार चोटों से जूझने के बाद आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। पिछले करीब एक साल से शरीर की फिटनेस से जंग लड़ रहे 36 वर्षीय इस अनुभवी गेंदबाज ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संन्यास का ऐलान करते हुए कहा कि इस बार वह चोटों के आगे हार मान गए हैं।
मार्क वुड ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला पिछले साल नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच के दौरान खेला था। इसके बाद घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें एशेज सीरीज से भी बाहर होना पड़ा था। तब से लेकर अब तक उन्होंने किसी भी प्रकार के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में हिस्सा नहीं लिया है और न ही किसी फ्रेंचाइजी लीग के लिए मैदान पर उतरे हैं। वुड का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त होने की कगार पर था, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त करने का सबसे सही और स्वाभाविक समय माना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपने विदाई संदेश में वुड ने लिखा कि पिछले एक साल के हालातों को देखते हुए शायद यह किसी के लिए चौंकाने वाली बात न हो, लेकिन उनके अनुबंध के इस पड़ाਵ पर यह फैसला बिल्कुल उचित लगता है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से अपनी मानसिक दृढ़ता के दम पर चोटों से वापसी करके आलोचकों को गलत साबित करते आए हैं, लेकिन इस बार बदकिस्मती से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। चिकित्सीय जानकारों और डॉक्टरों की स्पष्ट सलाह के बाद टेस्ट और वनडे क्रिकेट उनके लिए खेलना अब संभव नहीं रह गया था।
अपने करियर को याद करते हुए वुड ने कहा कि इंग्लैंड की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना और परम सम्मान रहा है। उन्होंने अपने देश, काउंटी क्लब डरहम और उत्तर-पूर्व क्षेत्र का पूरी ईमानदारी के साथ प्रतिनिधित्व करने की कोशिश की। वुड ने अपनी तेज गेंदबाजी के बारे में कहा कि उन्होंने हमेशा मैदान पर अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास किया और हर गेंद को अपनी आखिरी गेंद समझकर पूरी ताकत से फेंका।
सपोर्ट स्टाफ, कोचों, साथियों और अपनी फिटनेस का ध्यान रखने वाले फिजियो का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मदद के बिना वह अपनी आधी क्रिकेट भी नहीं खेल पाते। इसके अलावा उन्होंने 'बार्मी आर्मी' समेत दुनिया भर के तमाम प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया। अपने परिवार और दोस्तों के समर्थन को भी उन्होंने अमूल्य बताया। साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिए हैं कि वह भविष्य में लीग क्रिकेट या अपने घरेलू काउंटी क्लब के लिए किसी अन्य भूमिका में मैदान पर नजर आ सकते हैं।
गौरतलब है कि साल 2019 का एकदिवसीय विश्व कप और 2022 का टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड की विश्व विजेता टीम का अहम हिस्सा रहे मार्क वुड ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 146 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 31.71 की औसत से कुल 217 विकेट अपने नाम किए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 38 मैचों में 119 विकेट, वनडे में 70 मुकाबलों में 80 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 38 मैचों में 54 विकेट दर्ज हैं।













