सानो, 22 सितंबर।
अक्षर पटेल द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर की बेहद कसी हुई और शानदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने मंगलवार को खेले गए एक रोमांचक और ऐतिहासिक एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जापान को महज दो रनों के बेहद करीबी अंतर से हरा दिया। यह मुकाबला महज पांच-पांच ओवरों का था, जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 32 रनों का स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में उतरी जापानी टीम पांच ओवरों में तीन विकेट के नुकसान पर 30 रन ही बना सकी।
जीत के लिए मिले 33 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी के पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर विकेटकीपर ईशान किशन के सटीक और फुर्तीले थ्रो ने जापानी ओपनर लाचलान यामामोटो-लेक को सिर्फ एक रन के निजी स्कोर पर रन आउट कर दिया। इसके अगले ही ओवर में ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने इब्राहिम ताकाहाशी को चार रन के स्कोर पर पवेलियन की राह दिखाकर जापान को सात के स्कोर पर दूसरा करारा झटका दे दिया।
हालांकि, इसके बाद केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग और बेंजामिन इटो-डेविस ने संभलकर खेलते हुए पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों बल्लेबाजों ने स्पिनर रवि बिश्नोई के एक ओवर में 10 रन बटोरे, जिससे तीन ओवर का खेल समाप्त होने के बाद जापान का स्कोर दो विकेट पर 18 रन हो गया। मेजबान जापानी टीम को जीत के लिए अंतिम 12 गेंदों पर 15 रनों की आवश्यकता थी।
मुकाबले के चौथे ओवर में जापान ने वॉशिंगटन सुंदर के खिलाफ सात रन जोड़े, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर सुंदर ने क्रीज पर सेट हो रहे केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग को 12 रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत की वापसी करा दी। चार ओवर का खेल पूरा होने पर जापान का स्कोर तीन विकेट पर 25 रन था और उन्हें आखिरी ओवर में जीत के लिए आठ रनों की दरकार थी।
इसके बाद आखिरी ओवर की जिम्मेदारी संभालने आए अक्षर पटेल ने अपनी शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए जापानी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया और आठ रन नहीं बनाने दिए। जापान की पूरी टीम निर्धारित पांच ओवरों में तीन विकेट पर 30 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने इस रोमांचक मुकाबले को दो रनों से अपने नाम कर लिया। भारत की गेंदबाजी में वॉशिंगटन सुंदर सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने अपने दो विकेट झटके।
इससे पहले जापान के अनुशासित स्पिन आक्रमण ने भारतीय बल्लेबाजों को पूरी तरह चौंकाते हुए पांच ओवरों में मात्र चार विकेट के नुकसान पर 32 रनों के अल्प स्कोर पर रोक दिया। भारतीय बल्लेबाजी क्रम की लाचारी का आलम यह रहा कि कप्तान श्रेयस अय्यर ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो दहाई का आंकड़ा पार कर सके और 12 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि ओपनर अभिषेक शर्मा अपनी पारी की पहली ही गेंद पर आउट हो गए।
जापान की तरफ से चार्ली हारा-हिन्जे सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट झटके, जबकि इब्राहिम ताकाहाशी को एक सफलता मिली। विकेटकीपर संजू सैमसन धीमी बाएं हाथ की स्पिन के सामने संघर्ष करते नजर आए और पांच गेंदों पर सिर्फ चार रन ही बना सके। इसके बाद हारा-हिन्जे ने पारी की अंतिम गेंद पर अभिषेक शर्मा को आउट कर दिया, जो शॉर्ट फाइन लेग की दिशा में आसान सा टॉप एज दे बैठे।
पारी के पहले ओवर के बाद भारत का स्कोर एक विकेट पर सात रन था। इस साल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अभिषेक का यह सातवां 'गोल्डन डक' (पहली गेंद पर शून्य पर आउट होना) था, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में बनाया गया सर्वाधिक अनचाहा रिकॉर्ड है। टी20 क्रिकेट इतिहास में यह उनका कुल 10वां गोल्डन डक भी रहा।
दूसरे ओवर में इब्राहिम ताकाहाशी ने संजू सैमसन को नौ रन के व्यक्तिगत स्कोर पर चलता किया, जिनका शानदार कैच बेंजामिन इटो-डेविस ने लपका। भारत का स्कोर 1.2 ओवर में दो विकेट पर नौ रन हो गया था, और दो ओवर के बाद स्कोर 12 रन था। इसके तुरंत बाद ईशान किशन भी तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जहां इटो-डेविस ने एक बार फिर बेहतरीन कैच लपककर उन्हें आउट किया। तीन ओवर के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट पर 14 रन था, और चौथे ओवर की समाप्ति पर टीम चार विकेट पर 22 रन तक ही पहुंच पाई थी।
पारी के आखिरी ओवर में श्रेयस अय्यर ने चौथी गेंद आने से पहले अपना और भारतीय पारी का पहला चौका जड़ा, जो मैच में भारत की तरफ से लगा दूसरा चौका था। इसके बाद अगली ही गेंद पर हारा-हिन्जे ने अय्यर को आउट कर अपना दूसरा शिकार बनाया। इस तरह भारत ने पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए, जिसमें शिवम दुबे शून्य और तिलक वर्मा एक रन बनाकर नाबाद पवере लौटे। उल्लेखनीय है कि पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में भारत और जापान के बीच यह पहला मुकाबला खेला गया था।













