आइची-नगोया, 23 सितंबर।
एशियाई खेलों के मंच पर भारत के स्टार सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीना ने शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में अपनी धाकड़ जगह बना ली है। इस जीत के साथ ही भारत का सॉफ्ट टेनिस में एशियाई खेलों के इतिहास का पहला पदक भी पूरी तरह पक्का हो गया है।
बुधवार को खेले गए बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जय मीना ने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से मात दी। उतार-चढ़ाव से भरे इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने जबरदस्त मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए 0-4, 4-2, 2-4, 5-3, 2-4 और 7-5 के सेट अंतर से जीत अपने नाम की। चूंकि टूर्नामेंट के प्रावधानों के तहत अंतिम चार में प्रवेश करने वाले सभी खिलाड़ियों को पदक मिलना तय होता है, इसलिए सेमीफाइनल में पहुंचते ही जय ने भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया है। अब उनकी निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले को जीतकर स्वर्ण पदक की जंग में उतरने पर टिकी हैं।
देवास (मध्य प्रदेश) के पायनियर पब्लिक स्कूल के एक साधारण कोर्ट से बॉल बॉय के रूप में अपने खेल सफर की शुरुआत करने वाले जय मीना का यह मुकाम बेहद प्रेरणादायक है। बचपन में क्रिकेट के शौकीन रहे जय ने स्कूल के दिनों में सॉफ्ट टेनिस को अपनाया और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर जिला, राज्य, राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से लेकर 2024 की विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में मिश्रित युगल का कांस्य और 2025 की एशियाई चैंपियनशिप में चार पदक जीतना उनके शानदार करियर की गवाही देता है। अब आइची-नगोया एशियाई खेलों में देश के लिए पहला सॉफ्ट टेनिस पदक पक्का करके उन्होंने भारतीय खेल जगत में एक नया इतिहास रच दिया है।













