नोएडा, 25 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन अवसर पर कहा कि यह आयोजन प्रदेश के प्रति वैश्विक भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि ट्रेड शो के जरिए युवाओं, नवाचार, एमएसएमई क्षेत्र और किसानों की क्षमता को दुनिया के सामने रखने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम साझेदार देशों के रूप में शामिल हैं। उनके अनुसार यह भागीदारी आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दे रही है।
योगी ने कहा कि उत्पादन की गुणवत्ता, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और उद्योगों की विश्वसनीयता के कारण उत्तर प्रदेश के प्रति वैश्विक भरोसा बढ़ा है। इस बार 2,400 से अधिक प्रदर्शक ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गांवों और कस्बों में मौजूद हुनर को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए अवसर उपलब्ध कराए हैं। प्रतिभा और अवसर को तकनीक से जोड़ने के साथ स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, सुविधा, ब्रांडिंग और विपणन पर काम किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे का विस्तार किया गया है। इन सुविधाओं के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों और विकास के लिए कई केंद्र तैयार हुए हैं तथा वैश्विक बाजार से जुड़ने की राह आसान हुई है।
योगी ने कहा कि ट्रेड शो उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रमुख मंच बन रहा है। एक जिला एक उत्पाद योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 अन्य उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की रेशमी साड़ियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पारंपरिक उत्पाद अब बड़े कारोबार वाले ब्रांड में बदल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेड शो खरीदारों को सीधे उत्पादकों से जोड़ने का भी माध्यम बन रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और कारोबार को सीधे बाजार से जोड़ने में मदद मिल रही है।
पांच दिवसीय आयोजन में कृषि, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, विमानन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-कॉमर्स, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, वस्त्र, स्वास्थ्य, औषधि, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, खेल, खिलौने, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास, उद्यमिता और कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल बदलाव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खरीद और विपणन सहायता, रोजगार तथा ग्रामीण और शहरी विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
आयोजन में व्यापारिक बैठकें, ज्ञान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रस्तुतियां, पुरस्कार समारोह, फैशन शो और लेजर शो भी होंगे। ज्ञान सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई और वैश्विक मुक्त व्यापार समझौतों सहित उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रेड शो व्यापार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान, नवाचार और उद्यमशीलता को भी वैश्विक मंच दे रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश के विनिर्माण, एमएसएमई, एक जिला एक उत्पाद, हस्तशिल्प, वस्त्र, कृषि, खाद्य, पर्यटन और उभरते उद्योगों को खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।













