ग्वालियर, 25 सितंबर।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को परियोजना के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिंधिया ने अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा के अनुसार जमीनी कार्यों में तेजी लाने और निवेशकों के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
संचार मंत्रालय के अनुसार, बैठक में टीएमजेड के क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को परियोजना से जुड़े जमीनी स्तर के काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
ग्वालियर में प्रस्तावित टीएमजेड को एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बताया गया है। परियोजना के लिए 30 जुलाई 2026 को केंद्रीय दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
नई दिल्ली में आयोजित पहली निवेशक राउंडटेबल में परियोजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये के निवेश और करीब 14,000 रोजगार अवसरों की प्रतिबद्धता सामने आई थी। इसके बाद 4 अगस्त 2026 को मुंबई में हुई निवेशक बैठक में करीब 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता मिली।
इससे प्रस्तावित कुल निवेश 5,500 करोड़ रुपये और संभावित रोजगार अवसर 18,000 से अधिक हो गए हैं।
हाल ही में सिंधिया ने ग्वालियर में टीएमजेड के लिए प्रस्तावित भूमि का स्थल निरीक्षण कर परियोजना की तैयारियों और जमीनी स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बेंगलुरु में आयोजित निवेशक राउंडटेबल में निवेशकों से परियोजना को लेकर चर्चा की थी।
टीएमजेड के पहले चरण में 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसमें दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के साथ अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार से जुड़ी गतिविधियों के लिए एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।












