न्यूयॉर्क, 29 सितंबर।
ईरान ने कतर के मध्यस्थों की मदद से अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष रूप से संवाद साधा है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने न्यूयॉर्क में यह बात साझा करते हुए बताया कि उन्हें अब वाशिंगटन के आधिकारिक प्रत्युत्तर का इंतजार है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में आगे का रुख कल तक स्पष्ट होने की संभावना है। अरागची पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में हिस्सा लेने अमेरिका पहुँचे थे, जहाँ उनका मुख्य उद्देश्य इलाके में सुलग रहे तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा जैसे संगीन मुद्दों पर ईरान का पक्ष रखना था।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संकट को थामने और इस अति-महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने के वास्ते तेहरान की ओर से एक व्यावहारिक और सशर्त प्रस्ताव रखा गया है। कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों के मार्फत संदेशों का आदान-प्रदान और इस तरह की बातचीत का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।
दूसरी جانب, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की तस्दीक की है कि अमेरिकी अधिकारियों ने हाल ही में बिचौलियों के जरिए ईरानी मसले पर बातचीत की है। हालांकि, ओवल ऑफिस में मीडिया से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने इस बारे में ज्यादा अंदरूनी ब्योरा साझा नहीं किया।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के इक्यासीवें सत्र के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने एक हफ्ते का प्रस्ताव पेश किया था। इस योजना के तहत यदि वाशिंगटन कुछ निश्चित शर्तें मान लेता है, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को आवाजाही के लिए खोल देगा।
उधर, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करने की बात कही थी। इस पर पलटवार करते हुए अरागची ने दावा किया कि अमेरिकी राजदूत ने शायद उस योजना पर ठीक से नजर ही नहीं डाली है।
उन्होंने दो टूक कहा कि तेहरान कूटनीतिक रास्तों से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन साथ ही किसी भी नए टकराव की आशंका से निपटने के लिए भी उसने अपनी तैयारियां पुख्ता कर रखी हैं।














