नई दिल्ली, 30 सितंबर।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार ने यह फैसला किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है।
नई दरों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी कुसुम के न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुई है, जिसे 675 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इसके बाद सरसों और राई में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में यह बढ़ोतरी वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में तय नीति के अनुरूप है। इसके तहत किसानों को उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का प्रावधान रखा गया है।
बैठक में दिल्ली पुलिस के लिए बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली परियोजना को भी मंजूरी दी गई। करीब 1,789 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 42 चिन्हित यातायात गलियारों में तीन चरणों में लागू होगी। इसे 24 महीने में पूरा करने के बाद पांच वर्ष तक संचालन और रखरखाव किया जाएगा।
दिल्ली में करीब 71 लाख सक्रिय पंजीकृत वाहन हैं और वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी सड़क ढांचे के विस्तार से काफी अधिक रही है। नई प्रणाली का उद्देश्य वास्तविक यातायात स्थिति के अनुसार प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाकर उपलब्ध सड़क क्षमता का बेहतर उपयोग करना है।
मंत्रिमंडल ने पीएम-धारा योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए अंतरराज्यीय पारेषण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। योजना से 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण व्यवस्था की तैनाती में मदद मिलेगी।














