भोपाल, 30 सितंबर।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार, एक अक्टूबर को ‘पर्यावरण और जीवनशैली’ विषय पर प्री-सीओपी31 परामर्श राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें जलवायु और सतत विकास के बीच समन्वय मजबूत करने तथा राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्यों की भूमिका पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और जीवनशैली में जरूरी बदलाव से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे।
संगोष्ठी ‘लिविंग द राइट वे’ पहल की अवधारणा पर आधारित है। इसका उद्देश्य जलवायु कार्रवाई, सतत विकास और जीवनशैली में बदलाव के लिए सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देना है। पहल के तहत सरकार, संस्थाओं, समुदायों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से जलवायु के अनुकूल, समतापूर्ण और सतत समाज के निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें ऐसी जीवनशैली अपनाने पर जोर है, जो भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं, सतत विकास लक्ष्यों और पर्यावरण संरक्षण में प्रभावी योगदान दे।
पहल का उद्देश्य सरकार, नागरिक समाज, अकादमिक जगत, निजी क्षेत्र, युवाओं और समुदायों को एक साथ लाकर जलवायु कार्रवाई तथा सतत विकास को नीतियों, संस्थाओं और दैनिक जीवनशैली से जोड़ना है। संगोष्ठी में तीन तकनीकी सत्र होंगे। इनमें नीतिगत समन्वय के जरिए पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान, राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में राज्यों की भूमिका, संक्रमण के वित्तपोषण और सीओपी31 से अपेक्षाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं, पंचामृत संकल्पों, मिशन लाइफ और सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में राज्यों, स्थानीय सरकारों, नागरिक समाज, अकादमिक जगत, निजी क्षेत्र, युवाओं और समुदायों की भूमिका पर भी चर्चा होगी। विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संयुक्त संगठन मंत्री प्रवीण रामदास विशिष्ट अतिथि और पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य अध्यक्ष के रूप में शामिल होंगे। मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन और अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड पॉलिसी एनालिसिस सहभागी संस्थाओं के रूप में मौजूद रहेंगे।














