काठमांडू, 30 सितंबर।
नेपाल में हालिया भयंकर बाढ़ के कारण कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स तबाह हो चुके हैं, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड से लगभग 430 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप होने के बाद अब सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा प्रणालियों को मजबूत करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। इस आपदा के चलते त्रिशूली कॉरिडोर के माध्यम से राजधानी के बालाजु और चापाली इलाकों में होने वाली आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई है, जिसके परिणामस्वरूप अन्य ट्रांसमिशन लाइनों पर भारी दबाव बन गया है और आने वाली सर्दियों की विकट जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर कमर कस रहा है।
इसी आपात स्थिति से निपटने के वास्ते नेपाल विद्युत प्राधिकरण ने एक खास टास्क फोर्स का गठन किया है, जबकि मंत्रालय ने सड़क विभाग और काठमांडू महानगरपालिका के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर अतिरिक्त भूमिगत ग्रिड बिछाने और मौजूदा वितरण ढांचे को अधिक भरोसेमंद बनाने की रूपरेखा तैयार की है। प्रवक्ता मोहन कुमार शाक्य के अनुसार सर्दियों के मौसम में बिजली की मांग में होने वाली भारी बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए, तय समयसीमा के भीतर समन्वय स्थापित करके वैकल्पिक व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।














