संयुक्त राष्ट्र, 30 सितंबर।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने कहा है कि ईरान की ओर से अनुरोध मिलने पर एजेंसी अपने कामकाज को पूरी तरह बहाल करने के लिए तुरंत निरीक्षकों को भेज सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी की टीमें ईरान लौटने के लिए पहले से तैयार हैं।
ईरान में एजेंसी की गतिविधियां दोबारा शुरू किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर ग्रोसी ने कहा कि अनुरोध मिलते ही निरीक्षकों की तैनाती की जा सकती है। उन्होंने बताया कि टीमें व्यावहारिक रूप से भी वापसी के लिए तैयार हैं और उन्हें पता है कि कहां जाना है तथा क्या काम करना है।
ग्रोसी के अनुसार यह केवल एक घोषणा नहीं है, बल्कि एजेंसी के पास तुरंत तैनाती की वास्तविक क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि उनकी टीमें तत्काल काम शुरू करने के लिए तैयार हैं।
ईरान की परमाणु सुविधाओं पर पिछले वर्ष हुए हमलों और उसके बाद तेहरान द्वारा एजेंसी के साथ सहयोग रोकने के फैसले के कारण देश में बड़े पैमाने पर निरीक्षण गतिविधियां बंद हो गई थीं। सुरक्षा कारणों से एजेंसी के निरीक्षकों को ईरान से वापस बुला लिया गया था।
इसके बाद सुरक्षा उपायों के दायरे में आने वाली ईरान की परमाणु सुविधाओं तक एजेंसी की पहुंच भी काफी सीमित कर दी गई थी। इससे वहां एजेंसी की निरीक्षण गतिविधियां प्रभावित हुईं।
इस बीच, ईरान के एक राजनयिक सूत्र ने कहा है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तेहरान तभी तैयार होगा, जब होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा मामला सुलझ जाए और अमेरिका की ओर से लगाई गई नाकेबंदी हटा ली जाए।














