वाशिंगटन, 30 सितंबर।
संयुक्त राज्य अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए अब सुपर इंटेलिजेंस नाम इस्तेमाल करने की घोषणा की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इससे जुड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। यह घोषणा तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ उच्च स्तरीय दोपहर भोज के बाद की गई, जिसमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग समेत कई प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हुए।
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि यह बदलाव कानून के तहत अधिकतम संभव सीमा तक लागू किया जाएगा। मौजूदा नियमों, अनुबंधों और पहले से मौजूद दस्तावेजों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। नीति निर्माताओं से संघीय सरकार द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली नई शब्दावली अपनाने को कहा गया है, ताकि इस तकनीक की परिवर्तनकारी क्षमता और अमेरिकी जनता के लिए उपलब्ध अवसरों को सामने रखा जा सके।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एसआई शब्द का इस्तेमाल करेगा और संबंधित संदर्भों में एआई शब्द को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यकारी आदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रपति के सहायक को सुपर इंटेलिजेंस की संघीय परिभाषा का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जन्मभूमि है और देश इस तकनीक को आगे बढ़ा रहा है। उनके अनुसार, अनुसंधान के क्षेत्र के रूप में शुरुआत होने के बाद से 70 से अधिक वर्षों में अमेरिका ने इसके विकास और इस्तेमाल में दुनिया का नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि सुपर इंटेलिजेंस नाम विकसित हो रही तकनीक की क्षमताओं को दर्शाता है और मानव रचनात्मकता के नए रूपों को सामने लाने में मदद करता है।
राष्ट्रपति ने बाइडेन प्रशासन की नीति को खत्म करने की भी घोषणा की। उनके नेतृत्व में संघीय सरकार ने जेनेसिस मिशन के लिए पांच अरब डॉलर से अधिक की राशि घोषित की है। इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य विज्ञान, चिकित्सा, ऊर्जा और विनिर्माण के क्षेत्र में उपलब्धियों को तेजी से हासिल करने के लिए सुपर इंटेलिजेंस की क्षमता का इस्तेमाल करना है।
जुलाई 2025 में व्हाइट हाउस ने अमेरिका का एआई एक्शन प्लान जारी किया था, जिसमें एसआई नवाचार को गति देने का संकल्प लिया गया था। मार्च 2026 में व्हाइट हाउस ने व्यापक नेशनल सुपर इंटेलिजेंस पॉलिसी फ्रेमवर्क भी प्रस्तुत किया था। इसमें ऐसे कानूनी सुझाव शामिल किए गए थे, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि तकनीकी बदलाव से मिलने वाला लाभ हर अमेरिकी तक पहुंचे।














