काठमांडू, 1 अक्टूबर।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण ने अगले बरसात के मौसम में भारत को 86 मेगावाट बिजली बेचने का निर्णय लिया है। देश में घरेलू खपत के बाद उपलब्ध अतिरिक्त बिजली भारतीय विद्युत व्यापार कंपनी टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के माध्यम से भारत के विद्युत बाजार में बेची जाएगी।
प्राधिकरण के संचालक समिति सदस्य अंशुकिरण शाही ने बताया कि बिजली खरीद-बिक्री समझौते के मसौदे को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही समझौता करने से पहले नियामक आयोग से परामर्श लेने का फैसला किया गया था।
विद्युत नियमन आयोग ने बैठक के दौरान प्रस्ताव पर सहमति जताई। आयोग के निर्णय की जानकारी 8 भदौ को मिलने के बाद प्राधिकरण ने 3 असोज को बिजली बिक्री का निर्णय लिया और खरीद-बिक्री समझौते के मसौदे को स्वीकृति प्रदान की।
प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने 1 नवंबर 2026 से 31 मई 2029 तक भारत के पावर एक्सचेंज के माध्यम से भारतीय बिजली बाजार में 85.6 मेगावाट बिजली बेचने का प्रस्ताव रखा था। दोनों पक्षों की सहमति से भविष्य में बिजली की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। संचालक समिति ने कार्यकारी निदेशक की सिफारिश के अनुरूप प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
संचालक समिति के अध्यक्ष और ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ ने बिजली बिक्री से जुड़े फैसले पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने प्राधिकरण की ओर से बिजली खरीद-बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कार्यकारी निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ को अधिकृत भी किया है।














