नैशविल, 2 अक्टूबर।
अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली कैदी क्रिस्टा पाइक को जानलेवा इंजेक्शन देने की प्रक्रिया दो बार विफल हो गई। दोनों प्रयासों के बाद भी पाइक जीवित रही और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। उसकी कानूनी टीम के अनुसार, पाइक बेहोश हो गई है, लेकिन उसकी धड़कन चल रही है और सांस लेने के दौरान खर्राटे की आवाज भी सुनाई दे रही है।
50 वर्षीय पाइक को 1996 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। सजा पर अमल से पहले आखिरी समय तक कानूनी प्रक्रिया जारी रही। इसके बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जानलेवा इंजेक्शन के जरिए सजा देने की अनुमति दी। पाइक ने 18 वर्ष की उम्र में अपने प्रेमी टेडरिल शिप के साथ मिलकर स्लेमर की हत्या की थी।
सजा की प्रक्रिया नैशविल स्थित रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में गुरुवार रात आठ बजे शुरू हुई। पाइक को दो इंजेक्शन दिए गए। टेनेसी की व्यवस्था में पहली प्रक्रिया विफल होने की स्थिति के लिए दवाओं वाली सिरिंज का दूसरा सेट रखने का प्रावधान है, हालांकि दूसरे सेट के बाद भी कैदी के जीवित रहने की स्थिति में आगे की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है।














