काठमांडू, 02 अक्टूबर।
नेपाल में लंबे समय से लंबित संघीय निजामती सेवा विधेयक संसद में दर्ज कर दिया गया है। इसके कानून बनने के बाद 10 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने की संभावना है। नेपाल में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की मौजूदा उम्र 58 वर्ष है।
संघीय मामलों तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने विधेयक को संसद सचिवालय में दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून से निजामती सेवा को अधिक सक्षम, दक्ष, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने में मदद मिलेगी। इससे सार्वजनिक प्रशासन में सुधार और सुशासन की नींव मजबूत करने की बात भी कही गई है।
विधेयक में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, कानून लागू होने के समय 55 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके या 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने का प्रावधान किया गया है।
विधेयक की धारा 57 के अनुसार, सरकारी कर्मचारी 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त होगा। कानून लागू होने के समय 55 वर्ष पूरे कर चुके अथवा 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों पर भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान लागू होगा।
राजपत्रांकित विशिष्ट श्रेणी के कर्मचारियों, जिनमें सचिव और मुख्य सचिव शामिल हैं, के लिए पदावधि और उम्र में से जो पहले पूरा होगा, उसी के आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान रखा गया है।
विधेयक में 55 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन संबंधी विशेष व्यवस्था भी प्रस्तावित है। मौजूदा कानून के अनुसार, बची हुई सेवा अवधि में अधिकतम तीन वर्ष तक की अवधि को पेंशन की गणना में जोड़ा जा सकेगा।
इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की पदावधि पूरी हो चुकी है, उनकी बची हुई अवधि या 58 वर्ष की उम्र पूरी होने तक की अवधि को पेंशन की गणना में शामिल कर सेवानिवृत्ति देने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है।














