भोपाल, 03 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश नई दुग्ध क्रांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है और दूध उत्पादन में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य देश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करना है।
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का परिवार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत 17 विभागों को एक साथ जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले में कृषि मेले और कृषि यंत्रों की प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
गोवर्धन पूजा से पहले मुख्यमंत्री ने तीन नए संकल्पों की घोषणा की। प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों के वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता होगी। प्रथम विजेता को एक लाख, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रदेश में अभी 406 गौ-एम्बुलेंस संचालित हैं। इनमें 168 नई गौ-एम्बुलेंस जोड़ने की घोषणा की गई। उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर पशुपालकों के बड़े मेले भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन 750 ग्राम है, जो राष्ट्रीय औसत 485 ग्राम से अधिक है। प्रदेश में दूध संग्रहण को बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। छह दुग्ध सहकारी संघों के माध्यम से डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में छह करोड़ से अधिक पशुधन और करीब 3500 गौशालाएं हैं, जहां पांच लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं, जहां उन्नत पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।














