काठमांडू, 05 अक्टूबर।
नेपाल राष्ट्र बैंक ने विदेशी मुद्रा भुगतान और सटही से संबंधित नियमों में बदलाव करते हुए कई श्रेणियों में भुगतान की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है। संशोधित प्रावधानों से कारोबारियों और सेवाग्राहकों को विदेशी मुद्रा से जुड़े लेनदेन में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी।
राष्ट्र बैंक के विदेशी विनिमय प्रबंधन विभाग ने एकीकृत परिपत्र में संशोधन कर आयात, सेवा भुगतान, विमान के इंजन व कलपुर्जों की मरम्मत, उपग्रह सेवा और भारत में किए जाने वाले भुगतानों समेत कई क्षेत्रों के लिए सीमा बढ़ाई है।
भारत में संस्थाओं और कंपनियों से सेवाएं लेने के लिए नेपाली तथा विदेशी कंपनियों को अब निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर प्रति लेनदेन 60 लाख भारतीय रुपये तक सटही सुविधा मिलेगी। पहले यह सीमा 40 लाख रुपये थी।
नेपाली नागरिकों को विदेश में इलाज के लिए अब सालाना 30 हजार अमेरिकी डॉलर तक विदेशी मुद्रा सटही की सुविधा मिलेगी। पहले यह सीमा 16 हजार डॉलर थी। विमान के इंजन या कलपुर्जे विदेश भेजकर मरम्मत कराने के लिए अग्रिम भुगतान की सीमा भी एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख डॉलर कर दी गई है।
बैंक तथा वित्तीय संस्थाओं की वार्षिक सटही सुविधा की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार डॉलर की गई है। विदेशी सेवा प्रदाताओं से उपग्रह सेवा लेने वाली नेपाली दूरसंचार कंपनियां अब सालाना पांच लाख डॉलर तक सेवा शुल्क दे सकेंगी, जो पहले एक लाख डॉलर था।
नियामक निकाय की सहमति या सिफारिश वाले कारोबार में प्रति लेनदेन सटही सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार डॉलर कर दी गई है। सेवा आयात के अग्रिम भुगतान पर विदेशी बैंक की बैंक गारंटी आवश्यक होने की सीमा भी 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार डॉलर की गई है।
निर्यात से मिली रकम के जरिए आयात भुगतान की सीमा तीसरे देशों के लिए 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार डॉलर और भारत के लिए 30 लाख से बढ़ाकर 60 लाख भारतीय रुपये कर दी गई है।
पर्यटन क्षेत्र में लाइसेंस प्राप्त यात्रा और पर्यटन एजेंसियों को विदेश से मिली रकम तथा बिल के आधार पर विदेशी एजेंटों को भुगतान की सुविधा दी गई है। सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, पर्यटन और ऊर्जा क्षेत्र की नेपाली कंपनियों के लिए विदेशी ऋण जुटाने को ‘क’ वर्ग के बैंक विदेशी मुद्रा में बैंक गारंटी या स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट जारी कर सकेंगे।
ऑनलाइन सेवा निर्यात से विदेशी मुद्रा कमाने वाले कार्डधारकों के लिए कार्ड में विदेशी मुद्रा रखने की सीमा पांच हजार से बढ़ाकर 10 हजार डॉलर कर दी गई है। विदेश में वस्तु और सेवाएं खरीदने के लिए सालाना सटही सुविधा भी 500 डॉलर से बढ़ाकर 10 हजार डॉलर कर दी गई है।














