सना (यमन), 05 अक्टूबर।
सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सत्ता बहाल करने और हूती विद्रोहियों के कब्जे को खत्म करने के लिए सैन्य सहयोग जारी रखने पर कायम है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि यमनी सरकारी बलों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। यमन और सऊदी अरब ने लाल सागर तथा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों पर हुए हूती हमलों की भी निंदा की है। सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा जारी रखने की बात कही। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्ष विराम के बाद व्यापक लड़ाई थम गई थी, लेकिन हाल की झड़पों को सबसे गंभीर घटनाओं में माना जा रहा है। इस बीच प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने हूती के कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस लेने के लिए बड़े सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
यमन के रक्षा विशेषज्ञ इब्राहिम जलाल के अनुसार, हूती हाल के वर्षों में एक बेहद मजबूत सैन्य ताकत के रूप में उभरे हैं और उनकी बढ़त ने सरकार तथा उसके सहयोगियों को रणनीति बदलने के लिए मजबूर किया है। हूती बाब अल-मंदेब क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर नियंत्रण और ताइज को अदन तथा लाहिज प्रांत से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे अदन पर दबाव बढ़ सकता है और आर्थिक केंद्र मारिब की दिशा में उनका विस्तार तेज हो सकता है। जलाल ने मारिब को संभावित अगला प्रमुख केंद्र बताया है। इसी बीच यमन की विदेश मंत्री अफराह अल-जोबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सरकार और राष्ट्रीय संस्थानों को अधिक समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हूती की गतिविधियों का प्रभाव यमन की सीमाओं से बाहर तक पहुंच चुका है और उनके खिलाफ कार्रवाई तथा तख्तापलट को समाप्त करना राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा जिम्मेदारी बन गई है।














