द हेग, 05 अक्टूबर।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा और मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हकीम हक्कानी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट सार्वजनिक कर दिए हैं। दोनों के खिलाफ ये वारंट जुलाई 2025 में जारी किए गए थे।
आईसीसी के अनुसार, प्री-ट्रायल चैंबर-2 ने दोनों नेताओं के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में उत्पीड़न में कथित भूमिका को लेकर वारंट जारी किए हैं।
अदालत के आरोपों में लड़कियों और महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर कथित उत्पीड़न शामिल है। इसके अलावा तालिबान की नीतियों का विरोध करने वाले या महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करने वाले लोगों के राजनीतिक आधार पर कथित उत्पीड़न को भी आरोपों में शामिल किया गया है।
आईसीसी के मुताबिक, जिन अपराधों की बात की गई है, वे अफगानिस्तान में तालिबान के अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद किए जाने का आरोप है। अदालत के अनुसार यह कथित घटनाक्रम जनवरी 2025 तक जारी रहा।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने कहा कि उसके पास दोनों नेताओं को इन कथित अपराधों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार मानने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।














