रियाद (सऊदी अरब), 06 अक्टूबर।
मक्का रक्षा गठबंधन के प्रमुख सदस्य देशों सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने रियाद में हुई एक आपात उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सऊदी अरब की सैन्य ताकत को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक सामूहिक रक्षा उपायों को सक्रिय करने पर अपनी सहमति मुहर लगा दी है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और पवित्र स्थलों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस रणनीतिक समिति ने देश में अतिरिक्त सेना और उन्नत सैन्य क्षमताओं को तुरंत तैनात करने का निर्णय लिया है। सऊदी रक्षामंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद के अनुसार, इस आपातकालीन सत्र में पाकिस्तान और तुर्किये ने किंगडम की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट एकजुटता दोहराई है, जबकि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए तीनों राष्ट्र पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आए हैं।
इस महत्वपूर्ण सामरिक बैठक के दौरान पाकिस्तान सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नुमान महमूद को अगले तीन वर्षों के लिए इस गठबंधन का पहला महासचिव नियुक्त किए जाने की भी औपचारिक घोषणा की गई। इस उच्चस्तरीय सत्र में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व देश के उप प्रधानमंत्री एवं विदेशमंत्री मोहम्मद इशाक डार, रक्षामंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर ने किया, जिन्होंने मक्का और मदीना समेत सऊदी शहरों पर हुए हमलों की घोर निंदा की। गठबंधन के संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि सदस्य देशों के राष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा, ताकि किसी भी बाहरी खतरे का एकजुट होकर प्रभावी मुकाबला किया जा सके।














