नई दिल्ली, 13 मई।
तमिलनाडु में एक वोट के बेहद नजदीकी अंतर से जीते विधायक सिनीवासा सेतुपति को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत उन्हें विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मतदान से वंचित किया गया था।
साथ ही न्यायालय ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट की आगे की कार्यवाही पर भी अंतरिम रोक लगाने का निर्णय सुनाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया।
गौरतलब है कि सेतुपति की जीत तिरुपत्तुर विधानसभा सीट पर मात्र एक वोट के अंतर से हुई थी। उनके निर्वाचन को द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन ने मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता हुई है। दावा किया गया है कि एक पोस्टल बैलट की गिनती इसलिए नहीं की गई क्योंकि उसे गलत विधानसभा सीट पर भेज दिया गया था, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ।



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