इंदौर, 20 अप्रैल।
मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों से मुक्त कराने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण की चपेट से बाहर निकाला। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में प्रशासनिक दल ने खजराना क्षेत्र में पहुंचकर इस सख्त मुहिम को पूरा किया।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि खजराना के खसरा क्रमांक 442/1 स्थित शासकीय सीलिंग की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। लगभग 30,000 वर्गफीट के इस विशाल भूखंड पर बिना किसी अनुमति के निर्माण कार्य कर लिए गए थे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए यहां बने 12 मकानों को जमींदोज कर दिया और पूरी भूमि को शासन के आधिपत्य में ले लिया।
प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस बेशकीमती जमीन की बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के वक्त खजराना एसीपी कुंदन मंडलोई, तहसीलदार राकेश सस्तिया, थाना प्रभारी मनोज सेंधव और रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे सहित राजस्व, पुलिस और नगर निगम का भारी अमला तैनात रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध यह अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह जारी रहेगा।










