पटना, 25 मार्च।
चार दिन तक चलने वाला चैती छठ महापर्व बुधवार को श्रद्धालुओं की भक्ति और श्रद्धा के बीच सम्पन्न हुआ। सुबह-सुबह व्रती महिलाएं और पुरुष नदी घाटों, तालाबों एवं जलाशयों पर जुट गए, जहां उन्होंने उगते सूर्य की प्रतीक्षा की।
घाटों पर भक्ति भाव और छठी मईया के गीतों की गूंज के बीच व्रतियों ने विधिपूर्वक जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान वे अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते नजर आए।
अर्घ्य देने के पश्चात व्रतियों ने पारण किया, जिससे 72 घंटे से चल रहा निर्जला व्रत समाप्त हुआ। पारंपरिक प्रसाद जैसे ठेकुआ और फल वितरित किए गए।
घाटों पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने भी व्रतियों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चैती छठ महापर्व, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह पर्व सूर्य उपासना और लोक आस्था का प्रतीक है, जिसमें शुद्धता, संयम और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है। चार दिनों तक चलने वाले व्रत की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, उसके बाद खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के साथ समापन होता है।











