नई दिल्ली, 27 अप्रैल
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने देश में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक परामर्श पत्र जारी किया है और इस पर 25 मई तक जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस प्रक्रिया के तहत नियामक ढांचे की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई है और सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार में आने वाली बाधाओं को चिन्हित किया गया है।
इस परामर्श पत्र में देशभर में वाई-फाई अवसंरचना को तेजी से विकसित करने के लिए विभिन्न उपायों पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। साथ ही 25 मई तक लिखित सुझाव और 8 जून 2026 तक प्रत्युत्तर सुझाव देने की समय सीमा तय की गई है।
पत्र में प्राधिकरण व्यवस्था, प्रमाणीकरण प्रणाली, रोमिंग व्यवस्था और बिलिंग से जुड़ी चुनौतियों के साथ-साथ राजस्व मॉडल का विस्तृत विश्लेषण किया गया है, ताकि सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके।
इसके अतिरिक्त परामर्श पत्र में अन्य देशों में लागू सार्वजनिक वाई-फाई व्यवस्था का अध्ययन, भारत में मौजूदा स्थिति का मूल्यांकन, नेटवर्क तैनाती के रुझान और मांग के पैटर्न का विश्लेषण भी शामिल है। इसमें यह भी विचार किया गया है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और शहरी केंद्रों में सार्वजनिक वाई-फाई मॉडल को विकसित करने में केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं तथा निजी संस्थानों की भूमिका क्या हो सकती है।













