वॉशिंगटन/तेहरान, 07 अप्रैल 2026।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर तीखी टिप्पणी करते हुए संभावित विनाश की चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि “आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो सकता है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा,” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन परिस्थितियां उस दिशा में जा सकती हैं।
ईरान को हजारों वर्षों पुरानी फारसी सभ्यता का उत्तराधिकारी माना जाता है, जिसने मानव इतिहास पर गहरा प्रभाव छोड़ा है। ऐसे में ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह क्षेत्र पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है।
पिछले दो सप्ताह से ट्रंप लगातार यह चेतावनी देते आ रहे हैं कि यदि उनकी शर्तें पूरी नहीं हुईं तो वह ईरान के नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का आदेश दे सकते हैं। इनमें पुल, बिजली संयंत्र और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मंगलवार को दिए गए उनके ताजा बयान में आक्रामक भाषा का इस्तेमाल देखने को मिला, जो हालिया संघर्ष के बाद से लगातार सामने आ रही है। इस बयानबाजी ने वैश्विक समुदाय के बीच चिंता और बढ़ा दी है।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस तरह की चेतावनियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं, कुछ सामाजिक संगठनों और विश्लेषकों ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए इसे अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान के बाद प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं कई विशेषज्ञों ने वैश्विक समुदाय से इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की अपील की है।













