मॉस्को, 07 अप्रैल।
रूस ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्रमा अन्वेषण कार्यक्रम के तहत तीन आगामी मिशनों—लूना-28, लूना-29 और लूना-30—के प्रक्षेपण को 2032 से 2036 तक के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय उस समय आया है जब अमेरिका ने चंद्रमा की परिक्रमा में ऐतिहासिक मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
रूसी विज्ञान अकादमी के उपाध्यक्ष सर्गेई चेर्निशेव के अनुसार, इन मिशनों की प्रारंभिक लॉन्च तिथियों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन पिछली साल रूस के अन्य चंद्र और अंतरिक्ष मिशनों में भी देरी हुई थी। इसके अलावा, 2023 में रूस के अनमैंड लूना-25 मिशन का चंद्रमा की सतह से टकरा जाना भी इस देरी का कारण माना जा रहा है।
रूस अपनी राष्ट्रीय हितों के लिए चंद्रमा की खोज को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है। 2023 के असफल मिशन के बाद रूस के अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के प्रमुख ने कहा था कि चंद्रमा के प्राकृतिक संसाधनों के विकास के लिए यह दौड़ तेज है।
सॉवियत संघ ने 1960 के दशक में दुनिया का पहला उपग्रह प्रक्षेपित किया और पहला मानव अंतरिक्ष में भेजा, लेकिन सोवियत के बाद के दौर में रूस का अंतरिक्ष कार्यक्रम कमजोर हुआ और अमेरिका तथा चीन के मुकाबले पीछे रह गया।
इसी सप्ताह, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन के चार अंतरिक्षयात्री चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरने वाले पहले व्यक्ति बने, जिन्होंने 50 वर्षों में सबसे दूर अंतरिक्ष यात्रा की।












