बेरूत, 07 अप्रैल 2026।
दक्षिण लेबनान में इजराइल पर फॉस्फोरस बम के इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। लेबनान की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयनाता इलाके में हुए हमले में इस प्रकार के हथियार का प्रयोग किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के बाद पूरे क्षेत्र में घना सफेद धुआं फैल गया, जिससे स्थानीय लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस पूरे मामले पर इजराइल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फॉस्फोरस आधारित हथियार अत्यधिक तापमान उत्पन्न करते हैं और इनके कण वातावरण में फैलकर गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे निकलने वाला धुआं मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होता है और इसके संपर्क में आने से त्वचा और श्वसन तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह के हथियारों के उपयोग को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के तौर-तरीकों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस तरह के आरोप क्षेत्रीय स्थिति को और संवेदनशील बना सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और हालात के आगे बढ़ने की आशंका बनी हुई है।













