भोपाल, 07 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए प्रदेश में आने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और विकास कार्यों की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में मनाई जाएगी, जिसमें भिंड जिला मुख्यालय पर राज्य स्तरीय आयोजन होगा, जबकि सभी जिला मुख्यालयों और विकासखंडों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने जिले में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक प्रदेश भर में सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर इन कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी और प्रभारी मंत्रियों को इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की स्वीकृति प्रदान की। एनएच 46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर के निर्माण के लिए 758 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इसके अलावा निवाड़ी से उत्तर प्रदेश के झांसी तक 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास, बंगाय खास से ओरछा तिगेला और एनएच 44 तथा एनएच 39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम" का विवरण देते हुए कहा कि इस सम्मेलन में खगोल और वैज्ञानिकों ने भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को पुनः विश्व पटल पर स्थापित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा।
डॉ. यादव ने वाराणसी में 31 मार्च को हुए एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन और 3 से 5 अप्रैल तक हुए सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के आयोजन की जानकारी भी दी। इन आयोजनों में जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और निवेश संवर्धन पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले, 9 अप्रैल से शुरू हो रही है। लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से प्राथमिकता के आधार पर खरीदी की जाएगी। आवश्यक बारदाने उपलब्ध हैं और प्रभारी मंत्रियों को अपने जिलों में गेहूं खरीदी की व्यवस्था पर सतत निगरानी और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।












