काठमांडू, 07 अप्रैल।
नेपाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाली ईंधन सुविधा में कटौती का निर्णय लिया है। इसका मकसद बढ़ते ईंधन संकट और आर्थिक दबाव के बीच सरकारी खर्च में मितव्ययिता बनाए रखना है। वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम कीमतों में वृद्धि, आपूर्ति में कमी और चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व लक्ष्य पूरा न होने के कारण यह कदम उठाया गया।
संशोधित व्यवस्था के तहत पहले 125 लीटर ईंधन पाने वाले सचिव और विशिष्ट श्रेणी के अधिकारी अब केवल 70 लीटर प्राप्त करेंगे। सहसचिव स्तर के अधिकारी जिन्हें पहले 100 लीटर मिलते थे, अब 50 लीटर ईंधन ही मिलेगा। मंत्री और संवैधानिक पदाधिकारी पहले की तरह सुविधा का लाभ जारी रखेंगे। केंद्रीय कार्यालयों के वाहनों के लिए ईंधन की मात्रा भी घटाई गई है।
पहले 30 कर्मचारियों वाले कार्यालयों को 75 लीटर पेट्रोल और 100 लीटर डीजल मिलता था, अब इसे घटाकर 35 लीटर पेट्रोल और 50 लीटर डीजल कर दिया गया है। अतिरिक्त 50 कर्मचारियों वाले कार्यालयों और हर अतिरिक्त 100 कर्मचारियों वाले कार्यालयों के लिए भी इसी तरह की कटौती लागू की गई है। दोपहिया वाहनों के लिए मासिक ईंधन 12 लीटर से घटाकर 8 लीटर कर दिया गया है।
इस कदम से नेपाल में ईंधन संकट से निपटने और सरकारी खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


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