काठमांडू, 07 अप्रैल।
नेपाल सरकार ने निजी मीडिया में सरकारी विज्ञापन देने पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
नेपाल मीडिया सोसाइटी, जो दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों का संगठन है, ने अधिवक्ता अनन्तराज लुईंटेल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार का यह कदम संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बाधित करने का प्रयास है।
सरकार ने 1 अप्रैल को जारी परिपत्र के तहत सरकारी विज्ञापनों को केवल सरकारी मीडिया में प्रकाशित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने संघीय मंत्रालयों, अन्य सरकारी संस्थाओं, प्रांतों और स्थानीय निकायों को भी निजी मीडिया में विज्ञापन न देने का सर्कुलर भेजा।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह आदेश विज्ञापन अधिनियम के खिलाफ है और इससे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा। साथ ही, यदि यह आदेश तुरंत लागू हो गया, तो संचार क्षेत्र को स्थायी क्षति पहुंच सकती है, इसलिए अंतरिम राहत देने की भी मांग की गई है।


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