काठमांडू, 07 अप्रैल।
नेपाल सरकार ने भारत समेत छह देशों में राजनीतिक नियुक्तियों के तहत तैनात राजदूतों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह निर्णय हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृत किया गया। कदम पुराने परंपरा को आगे बढ़ाते हुए लिया गया है, जिसमें नई सरकार अपने पूर्ववर्ती शासनकाल में नियुक्त राजदूतों को बदलती रही है।
वापस बुलाए गए राजदूतों में भारत में डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, ऑस्ट्रेलिया में चित्रलेखा यादव, दक्षिण कोरिया में डॉ. शिवमाया तुम्बाहाङ्फे, श्रीलंका में डॉ. पूर्ण बहादुर नेपाली, डेनमार्क में सुम्निमा तुलाधर और दक्षिण अफ्रीका में कपिल श्रेष्ठ शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी राजदूतों को नेपाल लौटने के लिए एक महीने का समय दिया गया है, जिससे उनका शेष कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। आने वाले दिनों में सरकार खाली होने वाले कूटनीतिक पदों पर नए राजदूतों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगी। नेपाल में राजदूतों की नियुक्ति के बाद उन्हें संसद की सुनवाई समिति के सामने पेश किया जाता है, जिसके अनुमोदन के बाद ही संबंधित देशों में उनका एग्रीमो भेजा जाता है।


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