मुंबई, 07 अप्रैल 2026।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति समिति की बैठक के निर्णयों की घोषणा करेंगे। यह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली समीक्षा बैठक है, जिस पर देश के आर्थिक हालात को लेकर विशेष नजर बनी हुई है।
तीन दिवसीय इस समीक्षा प्रक्रिया की शुरुआत सोमवार से हुई थी। गवर्नर की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रही हैं। इन परिस्थितियों ने केंद्रीय बैंक के लिए नीति निर्धारण को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए इस बार भी नीतिगत दरों में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम है। अधिकांश अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया है कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत के स्तर पर यथावत रखा जा सकता है, ताकि महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
इस बैठक में महंगाई दर, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और घरेलू बाजार की स्थिति का व्यापक आकलन किया गया है। मौद्रिक नीति समिति के फैसले से न केवल ब्याज दरों पर असर पड़ेगा, बल्कि निवेश, ऋण और उपभोग से जुड़े कई क्षेत्रों की दिशा भी तय होगी।












