कोलकाता, 07 अप्रैल 2026।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए राज्य की जनता के सामने ‘नेहरूवादी मध्य मार्ग’ को तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने इसे विकास और संतुलित राजनीति का विकल्प बताया।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में यह पहला अवसर है जब कांग्रेस राज्य में अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरी है।
इस मौके पर उन्होंने सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य लंबे समय से भ्रष्टाचार और नियंत्रण की राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि ध्रुवीकरण और हिंसा की राजनीति ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है।
घोषणापत्र में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। कांग्रेस ने महिलाओं को प्रति माह दो हजार रुपये की सहायता, किसानों को सालाना 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद और प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया है।
पार्टी ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए ‘बंगाल रोजगार गारंटी मिशन’ शुरू करने, निवेश को बढ़ावा देने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की बात कही। साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा देने का भी संकल्प लिया गया है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘पार्टी राज’ खत्म कर ‘कानून का राज’ स्थापित करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी दल से जुड़े अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि घोषणापत्र कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा का काम करेगा।













