18 अप्रैल।
दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की जिम्मेदारी संभालने वाले अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर 20 से 22 अप्रैल तक नेपाल के दौरे पर रहेंगे। बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद काठमांडू पहुंचने वाले वे अमेरिकी प्रशासन के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
सामान्य तौर पर अमेरिकी विदेश मंत्री या अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश अथवा दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के दौरे के दौरान ही नेपाल आते रहे हैं, लेकिन इस बार उनका यह दौरा सीधे काठमांडू के लिए निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम के अनुसार, सहायक विदेश मंत्री कपूर अमेरिका से प्रस्थान कर इस्तांबुल में ठहराव के बाद सीधे काठमांडू पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक वे सोमवार को पहुंचेंगे और बुधवार को वापसी करेंगे। अपने प्रवास के दौरान वे बालेन्द्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं को लेकर वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के साथ चर्चा करेंगे। मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन के नेपाल समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन में अमेरिका की रुचि बनी हुई है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि उनके दौरे के दौरान वित्त मंत्री और विदेश मंत्री सहित अन्य प्रमुख व्यक्तियों से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। बैठकों का समय और एजेंडा भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अक्टूबर 2025 में दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू को पद से हटाकर उनकी जगह सुरक्षा मामलों के जानकार कपूर की नियुक्ति की थी।
नई दिल्ली में जन्मे कपूर दक्षिण एशिया के मुद्दों को गहराई से समझने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम माने जाते हैं। विदेश मंत्रालय में जिम्मेदारी संभालने से पहले वे अमेरिकी नौसेना के नेवी पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत थे, जहां वे सैन्य संचालन, तकनीकी नेतृत्व और युद्ध कौशल से जुड़े विषय पढ़ाते थे।
नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का सीधे काठमांडू दौरा इस ओर संकेत करता है कि वाशिंगटन के लिए नेपाल की रणनीतिक अहमियत बनी हुई है।







