नई दिल्ली, 13 अप्रैल
अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता असफल रहने के बाद वैश्विक बाजारों में आज स्पष्ट रूप से कमजोरी का माहौल देखने को मिला है। हालांकि पिछले कारोबारी दिन अमेरिकी और यूरोपीय शेयर बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन रहा था, लेकिन वार्ता विफल होने की सूचना के बाद पूरी दुनिया के बाजारों पर दबाव बढ़ गया है। डाउ जोंस फ्यूचर्स में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है और यह सूचकांक लगातार नीचे की ओर फिसलता दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही एशियाई शेयर बाजारों में भी व्यापक स्तर पर बिकवाली हावी हो गई है।
पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के उद्देश्य से पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता से जुड़ी अनिश्चित स्थिति के बीच पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार सीमित दायरे में ही घूमते रहे थे। उस दौरान एसएंडपी 500 सूचकांक हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ था, जबकि नैस्डैक में मजबूती के चलते बढ़त देखने को मिली थी। लेकिन अब वार्ता टूटने के बाद डाउ जोंस फ्यूचर्स में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है और यह सूचकांक बड़े नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय शेयर बाजारों में भी पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला था। एफटीएसई सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं डीएएक्स सूचकांक में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई थी। इसके विपरीत सीएसी सूचकांक में तेजी देखने को मिली, जिससे पूरे यूरोप के बाजारों में मिश्रित रुख बना रहा।
एशियाई बाजारों पर भी शांति वार्ता की विफलता का साफ असर दिखाई दे रहा है। नौ प्रमुख बाजार सूचकांकों में से सात लाल निशान में बने हुए हैं, जबकि केवल एक सूचकांक मामूली बढ़त में है। थाईलैंड स्टॉक एक्सचेंज में अवकाश रहने के कारण सेट कंपोजिट सूचकांक में कोई बदलाव नहीं देखा गया। वहीं ताइवान वेटेड सूचकांक में हल्की बढ़त दर्ज की गई है।
इसके अलावा गिफ्ट निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। कोस्पी सूचकांक में तेज कमजोरी देखी गई है, जबकि निक्केई सूचकांक भी गिरावट के साथ दबाव में है। हैंग सेंग सूचकांक भी नीचे फिसलता नजर आ रहा है। इसी तरह स्ट्रेट्स टाइम्स, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट सूचकांक भी कमजोरी के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।


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